Hindi sex stories

Hindi sex stories, chudia kahani

रात में आंटी की चुदाई कर दी

Hindi sex stories हेलो दोस्तों मेरा नाम प्रेम हे और में दिल्ली का रहने वाला हु. मेरी हाईट ५.६ फुट हे और मेरा रंग गोरा हे, मेरा लंड का साइज़ ८ इंच हे. मुझे तो एकदम मेरे बचपन से ही शादी शुदा लेडिज बहोत पसंद थी. में जब भी उनको देखता था तो उनको देख कर मेरा लंड खड़ा हो जाता था और मुझे घर जाकर खूब जोर जोर से मुठ मारनी पड़ती थी. मैने इस साईट पर पहेले भी मेरी कहानी शेयर की हे और मुझे आशा हे की आप लोगो को वह बहोत पसंद आई होगी. अब में अपनी एक और कहानि शेयर करने जा रहे हु. जब में बी. टेक. में सेकण्ड ईअर में था तो हमारे पड़ोस वाले घर में एक आंटी रहने के लिए आई हुई थी और उनका नाम अनीता था. और उनके पति एक कंपनी में नोकरी करते थे और उनकी कभी दिन में तो कभी कभी रात में डयूटी रहती थी.यह बात गर्मियों के दिनों की है. मैं शाम को अपनी छत पर आ जाता था सोने के लिए.

मैंने कभी आंटी को नहीं देखा था लेकिन उस दिन जब मैं छत पर गया तो मैंने देखा पड़ोस वाली छत पर एक स्मार्ट सेक्सी आंटी और उनके हस्बैंड बैठे हुए हैं और उसके हस्बैंड उसके बूब्स दबा रहे थे मैं जैसे ही वहां पहुंचा आंटी ने मुझे देख लिया पर उसके हस्बैंड मुझे नहीं देख पाए और वह आंटी के बूब्स दबा रहे थे

आंटी ने मुझे देखकर उनका हाथ हटा दिया यह देख कर मेरे दिल में धक धक होने लगी और मैं तुरंत नीचे चला गया. मेरा लंड खड़ा हो गया क्योंकि वह आंटी बहुत ही सुंदर थी. उनका 2 साल का एक लड़का भी था. मैं बाथरुम में गया और मुठ मारने लगा. बहुत दिनों तक मैंने आंटी के बारे में सोचा और मैने डिसाइड किया कि आंटी को चोदना ही है

रोज की तरह मैं छत पर गया और मम्मी भी छत पर थी. और आंटी पड़ोस वाली छत पर लेटी थी. उन्होंने मैक्सी पहनी हुई थी. उन्होंने अपने पैर मेरी तरफ कि दिशा में किए हुए थे, जैसी ही आंटी ने अपने पैर को बंद किया उनकी मैक्सी नीचे हो गई और मैं देखता ही रह गया. उन्होंने लाल कलर की पेंटी पहनी हुई थी और उनके वाइट जांघ साफ साफ दिख रही थी. यह देखकर मेरी सांस रुक सी गई और दिल भी धक धक करने लगा.

उसके बाद मैं अपनी छत पर राउंड लगाने लगा और आंटी की तरफ देखने लगा. आंटी भी मुझे देख रही थी और हमारी नजरें मिलने लगी. मैं समझ गया था की आंटी मुझसे चुदना चाहती है.

दूसरे दिन मैं छत पर गया आंटी भी छत पर ही थी मैंने उनसे बात करने की कोशिश की मैंने उनको कहा आपको ऐसे खुले में गलत काम नहीं करने चाहिए और वह हंसते हुए कहने लगी मैंने क्या गलत किया है? मैंने उनको बताया उस दिन आप अपने हस्बेंड के साथ… और आंटी हंसने लगी और कहने लगी क्यों तुम अपनी गर्लफ्रेंड के साथ नहीं करते? मैंने उनको बोला मेरी कोई गर्लफ्रेंड नहीं है. आंटी ने बोला क्यों? मैंने बोला बस ऐसे ही, मुझे कोई मिली नहीं. मैंने आंटी को बोला आप ही मुझसे फ्रेंडशिप कर लो. आंटी हंसने लगी और बोली कि मेरे हस्बैंड को पता चल गया तो? मैंने कहा उन्हें नहीं पता चलेगा तो उन्होंने हां कर दी.

दूसरे दिन शाम को 7:00 बजे आंटी घर पर आई और उन्होंने मेरी मम्मी को बोला कि उनकी लाइट नहीं आ रही है, शायद कोई स्विच खराब हो गया है आप प्रेम को बोल दो एक बार चेक कर लेगा. मम्मी ने हां कर दी और मैं उनके साथ चलने लगा लगा. मैने उनसे पूछा की उनके हसबंड नहीं हे क्या? तो उन्होंने कहा की उनकी नाईट शिफ्ट हे यह सुनकर में उनको चोदने के बारे में सोचने लगा. में उनकी लाईट को ठीक कर रहा था और मैने उनको पूछा आंटी अकेले छत पर सोने का आपको डर नहीं लगता. तो उन्होंने कहा की डर किस बात का?

मैंने आंटी को बोला आंटी अब लाइट ऑन करके देखो, और लाइट ठीक हो गई. मैंने जैसे ही आंटी को देखा देखता ही रह गया. आंटी ने ब्लैक मैक्सी पहनी हुई थी और उन्होंने मैक्सी के नीचे कुछ नहीं पहना हुआ था. उनके बूब्स के बटन साफ साफ दिख रहे थे यह देख कर मेरा लंड खड़ा हो गया. आंटी यह सब देख रही थी उन्होंने पूछा प्रेम यह ऐसे क्यों खड़ा है क्या सोच रहे हो तुम? मैंने तुरंत आंटी को कस के पकड़ कर बाहों में भर लिया और किस करने लगा. आंटी बोली यह क्या कर रहे हो? कोई देख लेगा. मैंने उनको बोला आंटी मुझसे रुका नहीं जा रहा जबसे आपको देखा है रातों की नींद भी नहीं आती. आंटी भी यही चाहती थी. उन्होंने बोला ओके आज रात को तुम आ जाना वैसे भी मैं अकेली हूं रात को. और मैं वहां से घर चला गया. रात को मैंने खाना भी नहीं खाया बस में आंटी की चुदाई के सपने देख रहा था.

रात के 10:00 बज चुके थे. मैंने मम्मी को बोला मैं आज छत पर सोने के लिए जा रहा हूं. लगभग 1 घंटे के बाद मम्मी डैडी भी सो गए थे. मैं पड़ोस वाली छत पर से आंटी के रूम में चला गया, उनका डोर ओपन ही था. आंटी बेड पर लेटी हुई थी, उनका लड़का भी सो गया था. आंटी ने लाल कलर की मैक्सी पहन रखी थी. आंटी बहुत ही सेक्सी दिख रही थी. मुझे देखकर आंटी ने बोला मैं कब से तुम्हारा इंतजार कर रही हूं, और मैंने आंटी के पास जा कर बेड पर लेट गया आंटी को देखकर मुझसे वैसे ही रुका नहीं जा रहा था. मैंने बिना बात किए आंटी को हग किया और गले पर किस करने लगा और आंटी भी मेरा साथ दे रही थी.

मैं 10 मिनट तक उनके लाल होंठ को चूसता रहा. मैंने मेरा एक हाथ उनके बूब्स पर रख दिया और प्रेस करने लगा. मुझे इतना मज़ा आ रहा था में

hindi sex stories

आपको बता नहीं सकता. मैंने आंटी की मैक्सी उतार दी. उन्होंने ब्रा और पैंटी नहीं पहने हुए थे. उनको पूरा नंगा देख कर मेरा लंड बहुत ज्यादा टाइट हो गया था.

मैं आंटी की चुचियों को चूस रहा था. और एक हाथ से उनका आंटी की चूत मसल रहा था. आंटी नागिन की तरह मचल रही थी. और आंटी एक हाथ से मेरे लंड को पकड़ कर चिल्ला रही थी, प्रेम करो मुझसे अब रहा नहीं जा रहा, क्यों तड़पा रहे हो? डाल दो अंदर आंटी ने मेरे लंड को पकड़ा और अपने मुंह में डाल कर चूसने लगी. मैं आपको बता नहीं सकता मुझे कितना मजा आ रहा था.

आंटी ने लंड को मुंह से निकाल कर अपनी चूत पर मसलने लगी. उनकी चूत बहुत ही गर्म हो गई थी. मैंने लंड की चूत में डाला. आंटी एकदम से बोली थोड़ा आराम से जैसे ही मैं जोर जोर से लंड अंदर डाल रहा था आंटी चिल्ला रही थी. उन्होंने मुझे कस के पकड़ लिया और कहने लगी और जोर से और जोर से प्रेम कितनी ताकत है तुम्हारे अंदर सारी ताकत लगा दो और मैंने जोर जोर से झटके मारने लगा आंटी जोर जोर से चिल्ला रही थी जोर से करो और फिर से करो मुझे बहुत मजा आ रहा है. मुझे बहुत मजा आ रहा है. अभी रुको नहीं करते रहो जोर जोर से करते रहो.

आंटी जोर से सिसकिया ले रही थी. मैं उनको 30 मिनट तक चोदता रहा और उसके बाद मैंने सारा माल उनकी चूत के अंदर ही डाल दिया. लगभग 1 घंटे के बाद मेरा मन फिर से कर गया और फिर इसी तरह हमने रात को तीन बार चुदाई की और मैंने आंटी की गांड भी मारी. पहले तो उनको गांड मराने में दर्द हो रहा था लेकिन बाद में वह मेरा साथ देने लगी.

अब आंटी हमारे वहां रेंट पर नहीं रहती हे. उनके हस्बैंड फरीदाबाद में जॉब नहीं करते वह अब कोलकाता चले गए हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Hindi sex stories © 2017 Frontier Theme