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दो बहनों ने पार्क में मजे किये

Hindi sex stories हाई दोस्तों मेरा नाम विकास हैं और मैं २० साल का हूँ. ये स्टोरी मेरे फ्रेंड तरुण -२५ साल और उसकी गर्लफ्रेंड रितिका – २२ साल और रितिका की छोटी सिस्टर रितु – १९ साल के अराउंड घुमती हैं. काफी दिनों बार तरुण को कोई न्यू गर्लफ्रेंड मिली हैं. रितिका उसे फेसबुक से मिली थी. रितिका दिखने में कुछ ख़ास नहीं हैं लेकिन चुदाई के लिए चल सकती हैं. उसके बूब्स बड़े हैं ३६ की साइज़ के और गांड भी एकदम बड़ी हैं. तरुण का दिल बल्कि लंड उसकी इस बड़ी गांड में अटक सा गया था. २ महीनो की चेटिंग के बाद फाइनली वो मिलने के लिए राजी हो गए.पर रितिका अपने घर से अकेले नहीं आ सकती थी वो अपनी छोटी बहन रितु को भी साथ ले के आ गई. प्रॉब्लम ये थी की रितु साथ में हो तो रितिका और तरुण चुदाई नहीं कर सकते थे.

वैसे तरुण ने मुझे कहा था की रितिका लंड चूसने और मुठ मारने भर को ही रेडी हुई थी. लेकिन वो भी अपनी बहन के सामने तो नहीं कर सकती थी न वो.

तो तरुण ने इस प्रॉब्लम का हल सोचा की वो मुझे अपने साथ में ले के जाएगा. सो धेट मैं रितु के साथ बातों में लगूंगा और उतने में वो और रितिका अपनी हवस मिटा लेंगे.

ये मेरी फर्स्ट ब्लाइंड डेट जैसा था तो मैं भी थोडा नर्वस सा था. और फाइनली हम दोनों सन्डे को उन दोनों को लेने गए. मैंने जब रितिका को देखा तो मेरा दिल बैठ गया. वो उतनी ख़ास नहीं थी पर फिर सोचा की उसकी बहन तो सेक्सी होगी. उतने में पीछे से रितु भी आ गई. वो चहरे से खिली हुई और एकदम सेक्सी थी. रंग हालांकि काला था लेकिन फिगर और नक्शा एकदम सेक्सी था उसका. ऊपर से वो दिखने में वर्जिन लग रही थी. वैसे मैंने तो बहुत चुदाई की हैं लेकिन वर्जिन फुदी आजतक नहीं आई थी हाथ में मेरे.

कार से पार्क में जाते टाइम में मैंने रितु को नोट किया. उसके बूब्स ३४ के होंगे और वो बहन की जैसी ही थोड़ी मोटी थी. उसकी गांड भी एकदम बड़ी और गोल थी. रस्ते में हम लोग मस्ती मजाक कर रहे थे. फाइनली हम लोग पार्क में आ गए और वहां जाकर हम अलग अलग हो गए. तरुण रितिका को ले के झाड़ियों में चला गया और मैं रितु के पास बैठ के बातें करने लगा.

तरुण ने जाते ही रितिका को अपनी बाहों में भर लिया. वो रितिका के बूब्स को अपने चेस्ट पर फिल कर रहा था और हग करते करते उसके हाथ रितिका की कमर और गांड पर चला रहा था. रितिका तो वैसे ही हॉट रहती हैं हमेशा सो उसने भी तरुण का पूरा साथ दिया. २ मिनिट हग करने के बाद वो अलग हुए. और अब तरुण ने रितिका को कमर से पकड लिया और उसके होंठो पर अपने होंठो को लगा के किस करने लगा. दोनों ही वाइल्ड किस कर रहे थे एक दुसरे को. दोनों के जीभ, होंठ और थूंक सब एक हो गया था. रितिका सिसकियाँ लेने लगी अह्ह्ह्ह आह्ह्ह अह्ह्ह आह्ह्ह्हह्ह्ह्हह्ह!

तरुण ने उसे छोड़ा और उसके बूब्स अपने हाथ में जकड़ लिए और उन्हें मसलने लगा. रितिका ने जोर जोर से सिसकियाँ शरु कर दी अब तो, अह्ह्ह्हह अह्ह्ह्हह तरुन्न्न्नन्न्न्नन्न अह्ह्ह्हह्हईईईइ अह्ह्हह्ह्ह्ह.

तरुण ने अब रितिका को लिटाया और उसकी टी-शर्ट को ऊपर किया और उसकी ब्लेक ब्रा को भी ऊपर किया. अब उसके सामने ३६ साइज़ के मोटे मोटे निपल्स वाले बूब्स साफ़ थे और रितिका का मोटा पेट भी. उसने दोनों को पकड़ा और आराम से राईट निपल के पास गया और अपनी जीभ से उसने इस खड़े निपल को चूसा. रितिका तो उसके स्पर्श पाते हुए उछल पड़ी. तरुण उसके ऊपर आया और उसके बूब्स को जोर जोर से चूसने लगा.अब मेरी और रितु की बारी!

रितु ने मुझे बताया की वो १०वी क्लास में हैं और उसका अब तक कोई बॉयफ्रेंड नहीं था. हम एक जगह बैठ कर बातें कर रहे थे और मैंने उसे इशारे से एक खंडर दिखाया और कहा की चलो वहां चलते हैं. वो मान गई. मैं उसका हाथ पकड के चल रहा था. तभी वो हल्का सा फिसल गई मैं उसे संभाल लिया. मुझे संभालने के लिए उसकी कमर को पकड़ना पड़ा था. और वो मेरे सिने से आया लगी थी. उसके बूब्स ने मेरे लंड को खड़ा कर दिया. हम थोडा सा अलग हुए और उसने मुझे स्माल दी. और फिर नोर्मल हो गया सब कुछ.…

इधर रितिका बड़े मजे से अपना दूध चुसवा रही थी तरुण से. दोनों बिलकुल मस्त हो चुके थे. ५ मिनिट चूसने के बाद तरुण रितिका की जींस की तरफ बाधा और उसे उतार दिया. रितिका ने अन्दर पेंटी नहीं पहनी हुई थी और उसकी बड़ी काली देसी चूत तरुण के सामने थी. रितिका को जैसे होश नहीं था वो तो बस मजे लुट रही थी तरुण के साथ में. तरुण ने फिर उसकी मोटी टाँगे फैला दी और उसकी चूत पर टूट पड़ा. कभी वो ऊँगली करता था तो कभी चाट ता था और कभी अपनी जीभ अन्दर कर से चूत को चोदता था जबान से.

रितिका की सिसकियाँ तो सातवें आसमान पर थी. वो बस आँखे बंध कर के मजे ले रही थी. फिर तरुण थोडा हटा और अपनी पेंट खोलने लगा. उसका ६ इंच का लंड तना हुआ था. उसने रितिका के हाथ में लंड दिया और वो उसे हिलाने लगी. तरुण ने उसे चूसने को बोला तो वो मानी नहीं बट थोड़ा फ़ोर्स करने के बाद उसने ३-४ किस लंड पर कर और १-२ बार चूसा उसे. तरुण अब पुरे मुड में था. और रितिका तड़प रही थी. उनके नो सेक्स की डील की तो माँ की आँख होनेवाली थी…

तरुण ने अपने लंड पर रितिका को थूंक लगाने को कहा और रितिका ने हाथ पर थूंक कर लंड पर मल दिया. फिर तरुण रितिका की चूत की और बढ़ा और उसने अपना थूंक चूत पर मल दिया.…

अब वो अपने घुटनों पर आया और रितिका की दोनों टाँगे खोली और धीरे धीरे से अपना लंड उसकी चूत में उतार दिया. दोनों कुछ देर के लिए रुके और फिर तरुण ने झटके देना चालू कर दिया. रितिका भी मदहोश हो गई थी. झटको के बिच तरुण रितिका के मोटे पेट और भी चांटे मार रहा था. दोनों की चुदाई २ मिनिट चली, दोनों पसीने में भीगे हुए थे और झटके देते देते तरुण चूत में ही झड़ गया और रितिका भी झड़ गई. दोनों ऐसे ही एक दुसरे के ऊपर लेटे रहे.

मुझे रितु के साथ सेक्स का चांस तो नहीं मिला लेकिन मैंने उसके बूब्स दबाये और उसे लंड चटाया वो कहानी फिर कभी आप को बताऊंगा!

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